Education, Business, Jobs, Political News

Bihar Politics: क्या महागठबंधन को अलविदा कहेंगे नीतीश कुमार? सबकुछ ऐसे समझिए

📅 25 Jan 2024 | ⏰ 2 मिनट | 📰 News

पटना. बिहार की सियासत में इस बात की जोरों से चर्चा है कि इंडिया अलायंस के सूत्रधार नीतीश कुमार अब अपना विचार बदलते दिख रहे हैं. इन अटकलों को हाल के घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है. यह बात तब और पुख्ता होती दिखी जब यह खबर आई कि नीतीश कुमार राहुल गांधी के बिहार में भारत जोड़ो न्याय यात्रा में शामिल नहीं होंगे.

मिली जानकारी के अनुसार आगामी 30 जनवरी को नीतीश कुमार पटना में ही एक कार्यक्रम में रहेंगे. इसके एक दिन पहले 29 जनवरी को राहुल गांधी बिहार दौरे पर आएंगे और सीमांचल के पूर्णिया, कटिहार, अररिया और किशनगंज जिलों से होते हुए पश्चिम बंगाल में दाखिल हो जाएंगे. खास बात यह कि पहले कांग्रेस ने दावा किया था कि राहुल गांधी की यात्रा में नीतीश कुमार शामिल होंगे. लेकिन, अब जो जानकारी सामने आ रही है उसके अनुसार नीतीश कुमार उस दिन पटना में रहेंगे.

महागठबंधन से दूरी के एक खबर तब भी सामने आई जब कर्पूरी ठाकुर को मरणोपरांत भारत रत्न दिए जाने की घोषणा हुई. उनकी सोशल मीडिया पोस्ट डिलीट करने और डेढ़ घंटे में पीएम मोदी का नाम जोड़कर डालने के बाद सियासी हलचल अचानक मच गई. बता दें कि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देने के फैसले को लेकर नीतीश ने एक सोशल मीडिया मंगलवार रात 9.14 मिनट पर साझा की गई थी. इस पोस्ट को उन्होंने डेढ़ घंटे के अंदर डिलीट कर दिया और उसके बाद नई पोस्ट 10.36 मिनट पर साझा की. इनके स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं.

इसके अगले दिन ही कर्पूरी जयंती के अवसर पर जदयू की रैली में सीधे तौर पर नीतीश कुमार ने परिवारवाद को लेकर निशाना साधा. इसको भी महागठबंधन से दूरी को लेकर खबरों को पुष्ट करने वाला बताया जा रहा है. दरअसल, राहुल गांधी और तेजस्वी यादव, दोनों को ही भाजपा लगातार परिवारवाद को लेकर घेरती रही है. नीतीश कुमार ने यहां राजनीति में परिवारवाद को लेकर निशाना साधा. इसके साथ ही उन्होंने कई ऐसी बातें कहीं, जिससे यही लग रहा है कि उनकी महागठबंधन से दूरी बढ़ती जा रही है.

यही नहीं, इसी कर्पूरी जयंती रैली में जब गोपालपुर से जदयू विधायक मंच से भाजपा और पीएम मोदी पर निशाना साधने लगे तो उनसे माइक ले ली गई. इसका घटनाक्रम भी बड़ा दिलचस्प रहा. दरअसल, जब गोपाल मंडल बोल रहे थे तो उनके पास एक पर्ची आई. उस पर कुछ संदेश लिखा था, जिसे गोपाल मंडल ने पढ़ा और उनके आक्रामक तेवर ढीले पड़ गए. कहा जा रहा है कि इसमें पीएम मोदी को लेकर कुछ नहीं बोलने का निर्देश था. खैर इस पर्ची का सच तो हम नहीं जानते, लेकिन सियासी गलियारे में यह चर्चा आम है.

नीतीश कुमार के मन और दिमाग में क्या चल रहा ये कहना तो मुश्किल है. लेकिन जिस प्रकार नीतीश कुमार का राजनीतिक सफर रहा है उससे ये तो के सकते है की कुछ भी कवि भी हो सकता है. हालांकि महागठबंधन का क्या होगा ये आने वालें कुछ दिनों में साफ हो जाएगा.

✍ लेखक के बारे में

Puja Verma

Puja Verma is a seasoned content writer and copy editor with over 6 years of experience in the Media Industries. She has worked with several leading news channels and media agencies like Doordarshan and News18. Crafting compelling stories, SEO blogs, and engaging web content. Passionate about delivering value through words, she brings clarity, creativity, and accuracy to every project she handles.