Bihar Election 1st Phase Voting: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का बिगुल बज चुका है और आज से इसका पहला चरण शुरू हो गया है। इस चरण में कुल 18 जिलों की 121 सीटों पर मतदान हो रहा है। मतदाता सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक अपने मतदान केंद्रों पर जाकर वोट डाल सकते हैं।
मुख्य मुकाबला एनडीए (NDA), महागठबंधन और जन सुराज (Prashant Kishor) के बीच देखा जा रहा है। कुल 1314 उम्मीदवार मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
पहले चरण का चुनाव: 18 जिलों में हो रही वोटिंग
पहले चरण में जिन प्रमुख जिलों में मतदान हो रहा है, उनमें पटना, औरंगाबाद, गया, कैमूर, भोजपुर, नवादा, जहानाबाद, सासाराम, रोहतास, बक्सर, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, जमुई, बेतिया, सीवान, सारण और गोपालगंज शामिल हैं।
इन जिलों की राजनीतिक तस्वीर राज्य की सत्ता की दिशा तय कर सकती है।
कुल मतदाता और मतदान केंद्रों का विवरण
पहले चरण में 3.75 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इसके लिए 45,341 मतदान केंद्रों की व्यवस्था की गई है। चुनाव आयोग ने इस बार तकनीकी और सुरक्षा दोनों दृष्टियों से व्यापक इंतज़ाम किए हैं।
सुरक्षा के सख्त इंतज़ाम — सील की गई सीमाएँ
बिहार में इस चरण के मतदान के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
- 4.5 लाख सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।
- केंद्र सरकार की 1500 से अधिक कंपनियाँ बिहार पहुंच चुकी हैं।
- नेपाल और झारखंड की सीमाओं को पूरी तरह सील कर दिया गया है ताकि कोई असामाजिक तत्व माहौल न बिगाड़ सके।
Bihar Election 1st Phase Voting: सभी बूथों पर लाइव वेबकास्टिंग की व्यवस्था
चुनाव आयोग ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी बूथों पर लाइव वेबकास्टिंग का प्रावधान किया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के दफ़्तर से सभी मतदान केंद्रों की निगरानी की जा रही है। अगर किसी जगह अनियमितता या गड़बड़ी दिखी तो तुरंत कार्रवाई होगी।
मुख्य मुकाबले: तेजस्वी बनाम सम्राट बनाम प्रशांत किशोर का जन सुराज
तेजस्वी यादव इस बार अपनी राजनीतिक रणनीति में युवाओं और बेरोजगारी पर सबसे अधिक जोर दे रहे हैं।
उन्होंने वादा किया है कि अगर उनकी सरकार बनती है तो बिहार में 10 लाख नौकरियाँ दी जाएंगी और राज्य को “विकास का इंजन” बनाया जाएगा।
प्रशांत किशोर (जन सुराज अभियान)
जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर इस बार चुनावी मैदान में नए विकल्प के रूप में उभरे हैं।
उनका दावा है कि “बिहार को जाति से ऊपर उठकर सोचने की ज़रूरत है।” उनकी पार्टी ग्रामीण इलाकों में “ग्राम संवाद” मॉडल पर काम कर रही है, जो युवा और शिक्षित वोटरों को आकर्षित कर रहा है।
जन सुराज का प्रभाव: तीसरा मोर्चा या गेम चेंजर?
जन सुराज इस बार तीसरे विकल्प के रूप में उभर रहा है। प्रशांत किशोर की टीम ने पिछले 3 सालों में बिहार के 8000 से अधिक गांवों में जनसंवाद अभियान चलाया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह पार्टी 5-10 सीटों पर मुकाबले को त्रिकोणीय बना सकती है।
महागठबंधन की रणनीति
महागठबंधन ने इस चुनाव में रोजगार, महिला सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य को मुख्य मुद्दा बनाया है। तेजस्वी यादव लगातार यह कह रहे हैं कि बिहार के युवाओं को अब “बदलाव” चाहिए, वादे नहीं।
एनडीए का फोकस – विकास और सुशासन
एनडीए इस चुनाव में “विकसित बिहार, आत्मनिर्भर बिहार” के नारे के साथ उतरी है। भाजपा और जदयू मिलकर यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि बिहार में कानून व्यवस्था और विकास के मामले में राज्य ने पिछले दशक में काफी तरक्की की है।
महिलाओं और युवाओं पर राजनीतिक दलों का फोकस
सभी पार्टियाँ महिलाओं और युवाओं को लुभाने में लगी हैं। तेजस्वी यादव ने “माई-बहन-मान योजना” का ऐलान किया है, वहीं बीजेपी महिलाओं के लिए सुरक्षित रोजगार और सशक्तिकरण कार्यक्रम की बात कर रही है।
फ्री राइड्स और ऑफर्स: मतदाताओं को पोलिंग बूथ तक लाने की पहल
राज्य सरकार और निजी संगठनों ने मिलकर मतदान को प्रोत्साहित करने के लिए कई ऑफर्स की घोषणा की है —
- फ्री ऑटो और बस सर्विस
- सिनेमा टिकटों पर छूट
- रेस्तरां में डिस्काउंट
इससे मतदाताओं की संख्या में वृद्धि की उम्मीद है।
चुनाव आयोग की अपील – “हर वोट मायने रखता है”
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने जनता से अपील की है कि वे अपने मताधिकार का प्रयोग ज़रूर करें। आयोग का कहना है कि हर एक वोट बिहार के भविष्य को तय करेगा।
संभावित टर्नआउट और चुनावी माहौल
राजनीतिक विशेषज्ञों का अनुमान है कि पहले चरण में 60-65% मतदान हो सकता है।
युवाओं, महिलाओं और पहली बार वोट डालने वालों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
बिहार चुनाव 2025 का भविष्य क्या संकेत देता है?
पहले चरण के नतीजे आने से पहले ही यह चुनाव बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है।
जन सुराज के उभार, तेजस्वी यादव की लोकप्रियता और एनडीए की संगठनात्मक ताकत – तीनों के बीच की जंग दिलचस्प बनने वाली है।
निष्कर्ष: लोकतंत्र का पर्व, जनता के फैसले का इंतज़ार
बिहार का पहला चरण यह दिखाएगा कि जनता “परिवर्तन” चाहती है या “स्थिरता”। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या तेजस्वी यादव अपनी लोकप्रियता को वोट में बदल पाएंगे, या एनडीए अपने “सुशासन” के नारे को जीत में तब्दील करेगा — और क्या प्रशांत किशोर का जन सुराज इस चुनाव का “किंगमेकर” बनेगा।
FAQs
1. बिहार चुनाव 2025 के पहले चरण में कितनी सीटों पर मतदान हो रहा है?
पहले चरण में 18 जिलों की 121 विधानसभा सीटों पर मतदान हो रहा है।
2. इस चरण में कुल कितने उम्मीदवार मैदान में हैं?
कुल 1314 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।
3. क्या जन सुराज पार्टी भी इस चुनाव में हिस्सा ले रही है?
हाँ, प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी कई सीटों पर चुनाव लड़ रही है और तीसरे विकल्प के रूप में उभरी है।
4. पहले चरण की वोटिंग का समय क्या है?
मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक जारी रहेगा।
5. सुरक्षा व्यवस्था को लेकर क्या कदम उठाए गए हैं?
राज्य में 4.5 लाख सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं और सभी सीमाओं को सील कर दिया गया है।
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Puja Verma
Puja Verma is a seasoned content writer and copy editor with over 6 years of experience in the Media Industries. She has worked with several leading news channels and media agencies like Doordarshan and News18. Crafting compelling stories, SEO blogs, and engaging web content. Passionate about delivering value through words, she brings clarity, creativity, and accuracy to every project she handles.











