Education, Business, Jobs, Political News

Vote Chori News: मतदान केंद्रों पर कांग्रेस के पोलिंग एजेंट क्या कर रहे थे? राहुल के वोट चोरी आरोपों पर EC ने दिया जवाब

Vote Chori News

Vote Chori News: लोकसभा चुनाव 2025 के चौथे चरण के मतदान के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि “कई जगहों पर वोट चोरी हो रही है।” यह बयान आते ही देशभर में सियासी हलचल मच गई। सोशल मीडिया पर इस बयान ने आग की तरह फैलते हुए बहस को जन्म दिया। लेकिन सवाल यह उठता है कि – जब मतदान केंद्रों पर हर पार्टी के पोलिंग एजेंट मौजूद रहते हैं, तो वोट चोरी कैसे संभव है?

यही सवाल अब पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है, और इसी पर चुनाव आयोग ने जवाब दिया है।

राहुल गांधी का बयान क्या था?

राहुल गांधी ने अपने X (Twitter) अकाउंट पर लिखा था —

“मतदान केंद्रों पर कांग्रेस के पोलिंग एजेंटों को बाहर निकाल दिया जा रहा है। यह लोकतंत्र के खिलाफ साजिश है, और हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।”

इसके बाद उन्होंने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि “कुछ राज्यों में सत्ताधारी दल और प्रशासनिक अधिकारी मिलकर कांग्रेस वोटरों को डराने और फर्जी वोटिंग कराने की कोशिश कर रहे हैं।”उनका यह बयान मीडिया में सुर्खियों में आ गया और विपक्षी पार्टियों ने इसका समर्थन किया।

ऐसे बयानों का असर मतदाताओं के मानस पर पड़ता है, खासकर तब जब चुनाव अपने निर्णायक दौर में हों।

Vote Chori News: EC ने क्या कहा?

चुनाव आयोग (EC) ने तत्काल संज्ञान लेते हुए बयान जारी किया “सभी मतदान केंद्रों पर प्रत्येक प्रत्याशी के पोलिंग एजेंट मौजूद हैं। यदि किसी केंद्र से एजेंट को हटाया गया हो तो स्थानीय रिटर्निंग ऑफिसर इसकी जांच करेंगे। फिलहाल किसी भी स्थान से ऐसी कोई आधिकारिक शिकायत नहीं मिली है।”

EC ने स्पष्ट किया कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और मतदान प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित हैं, और किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना बहुत कम है।

यह बयान आने के बाद कई अफवाहों पर विराम लग गया, लेकिन राजनीतिक बयानबाज़ी जारी रही।

मतदान केंद्रों पर कांग्रेस एजेंट की भूमिका

पोलिंग एजेंट किसी भी चुनावी प्रक्रिया में बेहद अहम भूमिका निभाते हैं। कांग्रेस के पोलिंग एजेंटों की जिम्मेदारियां होती हैं:

  • वोटिंग से पहले EVM की जांच करना
  • यह सुनिश्चित करना कि कोई फर्जी वोट न पड़े
  • वोटिंग सूची में नामों की पुष्टि करना
  • मतदान खत्म होने के बाद सीलिंग प्रक्रिया में भाग लेना

इसलिए अगर कांग्रेस के एजेंट उपस्थित थे, तो वोट चोरी का दावा तकनीकी रूप से बहुत कठिन साबित होता है।

EC की जांच प्रक्रिया

चुनाव आयोग हर शिकायत की तीन-स्तरीय जांच करता है —

  1. लोकल स्तर पर R.O. द्वारा प्रारंभिक रिपोर्ट
  2. स्टेट लेवल चीफ इलेक्शन ऑफिसर को जांच सौंपना
  3. मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा फाइनल एक्शन लेना

इस प्रक्रिया में हर सबूत की जांच वीडियो रिकॉर्डिंग, CCTV फुटेज और पोलिंग स्टेशन रिपोर्ट्स से की जाती है।

क्या वाकई वोट चोरी संभव है?

तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि EVM मशीनें ऑफलाइन मोड में चलती हैं, जिनमें किसी तरह की नेटवर्क हेरफेर की गुंजाइश नहीं होती। साथ ही, हर मशीन पर यूनिक सीरियल नंबर और सील होती है, जिसे तोड़ना या बदलना असंभव है।

फिर भी, अगर किसी बूथ पर अव्यवस्था या अनुचित गतिविधि दिखे, तो रीपोल (Re-poll) की व्यवस्था होती है।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

राहुल गांधी के आरोपों के बाद सोशल मीडिया पर दो खेमे बन गए —
एक ओर लोग कह रहे थे कि “अगर कांग्रेस को सबूत हैं तो सार्वजनिक करें,”
तो वहीं दूसरी ओर समर्थकों का कहना था कि “EC को पारदर्शिता दिखानी चाहिए।”

#BharatVotes2025, #VoteTheft और #ECUnderQuestion जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे।

कांग्रेस का पलटवार

कांग्रेस प्रवक्ता जयराम रमेश ने कहा —“हमारे एजेंटों को कई जगह बाहर निकाला गया। EC को चाहिए कि वो तुरंत कार्रवाई करे।”उन्होंने EC से यह भी मांग की कि ऐसे केंद्रों की वीडियो फुटेज सार्वजनिक की जाए। हालांकि, EC ने अब तक किसी केंद्र से हटाए जाने की पुष्टि नहीं की है।

विपक्षी दलों का स्टैंड

AAP, TMC और समाजवादी पार्टी ने राहुल गांधी के बयान का समर्थन किया।
ममता बनर्जी ने कहा —

“अगर राहुल जी ने यह कहा है, तो जरूर कोई कारण होगा। EC को निष्पक्षता दिखानी चाहिए।”

वहीं बीजेपी ने इसे “राजनीतिक ड्रामा” कहा।

ग्राउंड रिपोर्ट: मतदान केंद्रों से रिपोर्ट्स

कई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अधिकांश बूथों पर प्रक्रिया सामान्य रही। कुछ जगहों पर तकनीकी दिक्कतें जरूर आईं, लेकिन फर्जी वोटिंग या एजेंटों को निकालने का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला। स्थानीय पत्रकारों ने बताया कि “कुछ केंद्रों पर आपसी झड़पें हुईं, लेकिन स्थिति तुरंत सामान्य हो गई।”

EC की प्रेस कॉन्फ्रेंस की मुख्य बातें

चुनाव आयोग ने शाम 5 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा:

  • किसी केंद्र से गड़बड़ी की रिपोर्ट नहीं
  • सभी मशीनें सील की स्थिति में हैं
  • किसी भी पार्टी को शिकायत हो तो तुरंत दर्ज कराए

EC ने यह भी कहा कि पारदर्शिता ही आयोग की प्राथमिकता ह

मतगणना से पहले बढ़ी सियासी गर्मी

यह विवाद उस समय उठा जब अगले चरण की मतगणना नजदीक है। हर दल अब अपने-अपने बयान से माहौल गर्म कर रहा है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यह मामला अब “नैरेटिव की लड़ाई” बन चुका है।

जनता क्या सोचती है

देशभर के कई मतदाताओं ने कहा कि उन्हें वोट डालने में कोई परेशानी नहीं हुई।
दिल्ली के एक कॉलेज छात्र ने कहा —“हमने मतदान किया, एजेंट भी मौजूद थे। सब कुछ सही लगा।”

हालांकि, ग्रामीण इलाकों में कुछ लोगों ने मतदान में देरी और अव्यवस्था की शिकायत की।

FAQs – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्र1. क्या कांग्रेस के पोलिंग एजेंटों को वाकई बाहर निकाला गया था?
EC के अनुसार, ऐसी कोई आधिकारिक रिपोर्ट नहीं है।

प्र2. क्या EVM से छेड़छाड़ संभव है?
नहीं, क्योंकि EVM पूरी तरह ऑफलाइन मशीन है।

प्र3. अगर कोई गड़बड़ी हो तो क्या किया जा सकता है?
पार्टी तत्काल शिकायत दर्ज कर सकती है और रीपोल की मांग कर सकती है।

प्र4. पोलिंग एजेंट की क्या जिम्मेदारियां होती हैं?
मतदाता सूची की जांच, फर्जी वोट रोकना और प्रक्रिया पर निगरानी रखना।

प्र5. क्या EC की जांच निष्पक्ष होती है?
EC तीन-स्तरीय जांच करता है, जिसमें वीडियो साक्ष्य शामिल होते हैं।

प्र6. क्या यह विवाद चुनाव परिणामों को प्रभावित करेगा?
राजनीतिक स्तर पर हां, लेकिन तकनीकी स्तर पर असर की संभावना कम है।

राहुल गांधी के आरोपों ने लोकतंत्र और पारदर्शिता पर नई बहस छेड़ दी है। चुनाव आयोग ने हालांकि साफ कहा है कि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी नहीं हुई। यह विवाद केवल चुनावी माहौल में एक और “पॉलिटिकल नैरेटिव” बनकर उभरा है, जिसका असर अब मतगणना के बाद ही देखा जा सकेगा।

FOLLOW OUR SOCIAL MEDIA PAGES : –

FACEBOOK :- https://www.facebook.com/share/1Z3VZ8w8Dn/?mibextid=wwXIfr

YOUTUBE :- https://www.youtube.com/@Factaddadotcom/featured

WHATSAPP :- https://whatsapp.com/channel/0029VbAbzhp72WTnK71EiE3z

TELEGRAM :- https://t.me/+aMY2kgdmTZ83NWI1