Nitish Kumar Hijab Controversy: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक महिला डॉक्टर का हिजाब हटाए जाने की घटना अब सिर्फ़ एक राजनीतिक बहस नहीं रही, बल्कि एक बड़े विवाद में तब्दील हो गई है। Nitish Kumar Hijab Controversy की आग अब महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश तक पहुँच गई है। जहाँ AIMIM के दिग्गज नेता इम्तियाज जलील ने दोनों नेताओं को ‘औकात’ दिखाने की धमकी दी है, वहीं लखनऊ में कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है।
आखिर इस मामले में अब कौन से नए मोड़ आए हैं और क्यों यह मुद्दा सुलझने के बजाय और उलझता जा रहा है? आइए समझते हैं।
“सलामत नहीं जाते…” – इम्तियाज जलील का तीखा प्रहार
महाराष्ट्र के यवतमाल में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए AIMIM के पूर्व सांसद इम्तियाज जलील ने बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने बिहार के सीएम नीतीश कुमार और यूपी के मंत्री संजय निषाद को चेतावनी देते हुए कहा:
- सीधी धमकी: “अच्छा हुआ यह महाराष्ट्र में नहीं किया… वरना पता चल जाता कहाँ हो… सलामत नहीं जाते।”
- आक्रामक तेवर: जलील यहीं नहीं रुके, उन्होंने दोनों नेताओं को ‘लातों के भूत’ बताते हुए कहा कि अगर वे सामने आ गए तो उन्हें उनकी औकात दिखा देंगे। यह बयान सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल रहा है।
क्या था Nitish Kumar Hijab Controversy का जड़?
यह पूरा विवाद 15 दिसंबर को शुरू हुआ था, जब पटना में नियुक्ति पत्र वितरण के दौरान नीतीश कुमार ने एक मुस्लिम आयुष महिला डॉक्टर के चेहरे से हिजाब हटा दिया था।
- महिला डॉक्टर उस वक्त बेहद असहज (Uncomfortable) दिखीं।
- उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उन्हें रोकने की कोशिश भी की, लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद विपक्षी दलों (RJD, Congress, SP) ने इसे नारी गरिमा और धार्मिक पहचान पर हमला बताया।
संजय निषाद के बयान ने ‘आग में डाला घी’
जब नीतीश कुमार घिरे हुए थे, तब उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने उनका बचाव करते हुए एक शर्मनाक बयान दे दिया। उन्होंने कहा, “अगर कहीं और छू देते तो क्या हो जाता?”
- भारी विरोध: इस बयान के बाद कांग्रेस और सपा ने संजय निषाद से बिना शर्त माफी और इस्तीफे की मांग की।
- माफी: चौतरफा घिरने के बाद संजय निषाद ने अपना बयान वापस लेने की बात कही, लेकिन तब तक विवाद हाथ से निकल चुका था।
कानूनी कार्रवाई: लखनऊ में FIR और पुलिस शिकायत
Nitish Kumar Hijab Controversy अब सिर्फ़ भाषणों तक सीमित नहीं है।
- समाजवादी पार्टी की प्रवक्ता सुमैया राना ने 17 दिसंबर को लखनऊ पुलिस में नीतीश कुमार और संजय निषाद के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
- उनका आरोप है कि इन नेताओं ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाई है और एक संवैधानिक पद पर रहते हुए महिलाओं का अपमान किया है।
क्या यह नीतीश कुमार का राजनीतिक अंत है?
Nitish Kumar Hijab Controversy ने मुख्यमंत्री की ‘सुशासन बाबू’ वाली छवि को गहरा धक्का पहुँचाया है। एक तरफ मुस्लिम समुदाय की नाराजगी और दूसरी तरफ विपक्ष की कानूनी घेराबंदी ने नीतीश कुमार और उनकी सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। इम्तियाज जलील जैसे नेताओं के तीखे बयानों ने इस मुद्दे को धार्मिक रंग दे दिया है, जो आने वाले चुनावों में एनडीए (NDA) के लिए भारी पड़ सकता है।
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