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Land For Job Scam: लालू यादव समेत 41 आरोपियों पर अदालत ने तय किए आरोप, परिवार फिर मुसीबत में

Land For Job Scam

Land for Job Scam: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के परिवार के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। दिल्ली की राउस एवेन्यू कोर्ट ने बहुचर्चित ‘लैंड फॉर जॉब’ (जमीन के बदले नौकरी) घोटाले में लालू यादव, राबड़ी देवी और मीसा भारती समेत 40 से अधिक आरोपियों के खिलाफ आरोप (Charges) तय कर दिए हैं।

Land for Job Scam के संदर्भ में, राजनीतिक परिदृश्य पर इसके महत्वपूर्ण प्रभाव हैं। Land for Job Scam ने शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अदालत के इस फैसले के बाद अब इस मामले में औपचारिक ट्रायल शुरू होगा, जिससे लालू परिवार की कानूनी चुनौतियां बढ़ सकती हैं।

यह मामला सिर्फ व्यक्तियों से संबंधित नहीं है, बल्कि यह ‘Land for Job Scam‘ घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार के व्यापक मुद्दे को उजागर करता है।

कोर्ट की सख्त टिप्पणी: “आपराधिक सिंडिकेट की तरह हुआ काम”

The Land for Job Scam has far-reaching implications for future policies.

सुनवाई के दौरान सीबीआई की विशेष अदालत ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि इस मामले में आरोपियों के बीच एक व्यापक आपराधिक साजिश के स्पष्ट संकेत मिलते हैं। कोर्ट ने माना कि:

  • लालू यादव और उनके परिवार ने एक ‘आपराधिक सिंडिकेट’ की तरह काम किया।
  • भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं।
  • आरोपियों पर धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के तहत ट्रायल चलाया जाएगा।

राजनीतिक विश्लेषकों के लिए ‘Land for Job Scam‘ घोटाले की बारीकियों को समझना बेहद महत्वपूर्ण है। Land for Job Scam चुनावी सुधारों को लेकर चर्चाओं का मुख्य केंद्र बन गया है।

Land for Job Scam: क्या है जमीन के बदले नौकरी घोटाला?

यह मामला साल 2004 से 2009 के बीच का है, जब लालू प्रसाद यादव केंद्र सरकार में रेल मंत्री थे। सीबीआई और ईडी के आरोपों के मुताबिक:

  1. सस्ते में जमीन: रेलवे के ग्रुप-डी (जबलपुर जोन) में नौकरी देने के बदले उम्मीदवारों से जमीन ली गई।
  2. भारी अंतर: करीब 1 लाख स्क्वायर फीट जमीन सिर्फ 26 लाख रुपये में लिखवा ली गई, जबकि उसका सर्किल रेट 4.39 करोड़ रुपये से अधिक था।
  3. बेनामी संपत्ति: ये जमीनें सीधे लालू यादव के परिवार के सदस्यों (पत्नी और बच्चों) या उनके करीबियों के नाम पर गिफ्ट या बेहद कम दाम पर ट्रांसफर की गईं।

केस की वर्तमान स्थिति और अगली सुनवाई

सीबीआई ने इस मामले में कुल 103 आरोपियों को नामजद किया था, जिनमें से 5 की मृत्यु हो चुकी है। अब कोर्ट ने शेष मुख्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं।

  • अगली सुनवाई: 29 जनवरी 2026।
  • अगला कदम: अब सीबीआई अदालत में गवाहों को पेश करेगी और सबूतों की जांच शुरू होगी।

लालू यादव और उनके परिवार ने इन सभी आरोपों को हमेशा ‘राजनीति से प्रेरित’ बताया है। हालांकि, कोर्ट के इस ताजा फैसले के बाद अब उन्हें अदालत में अपनी बेगुनाही साबित करनी होगी। बिहार की राजनीति में भी इस फैसले के गहरे मायने निकाले जा रहे हैं।

Quick Highlights: लैंड फॉर जॉब स्कैम

मुख्य बिंदुविवरण
मुख्य आरोपीलालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, मीसा भारती व अन्य
कोर्टराउस एवेन्यू कोर्ट, दिल्ली
आरोपनौकरी के बदले जमीन लेना (भ्रष्टाचार)
अगली तारीख29 जनवरी

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