BCCI Central Contract 2026 Update: भारतीय क्रिकेट के ‘सुपरस्टार कल्चर’ को खत्म करने की दिशा में बीसीसीआई एक ऐतिहासिक कदम उठाने की तैयारी में है। टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर और चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर की जोड़ी भारतीय क्रिकेट के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव ला सकती है।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) जल्द ही साल 2025-26 के लिए नया सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट जारी करने वाला है। लेकिन इस बार की लिस्ट सिर्फ नामों का बदलाव नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के पूरे सिस्टम में एक ‘कल्चरल शिफ्ट’ लेकर आ सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर की अगुवाई वाली समिति ने A+ कैटेगरी को ही खत्म करने का सुझाव दिया है। अगर ऐसा होता है, तो रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गजों को एक बड़ा ‘डिमोशन’ झेलना पड़ सकता है।
BCCI Central Contract 2026 Update: गौतम गंभीर का ‘सुपरस्टार कल्चर’ खत्म करने का मिशन
टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर हमेशा से इस पक्ष में रहे हैं कि क्रिकेट में टीम व्यक्तिगत उपलब्धियों या कद (Stature) से बड़ी होती है। गंभीर का मानना है कि भारतीय क्रिकेट में ‘सुपरस्टारडम’ की जगह प्रदर्शन और फॉर्मेट की सक्रियता को महत्व मिलना चाहिए।
अजीत अगरकर ने इसी विजन को आगे बढ़ाते हुए एपेक्स काउंसिल को सिफारिश दी है कि मौजूदा 4-टियर सिस्टम (A+, A, B, C) को बदलकर केवल 3-टियर (A, B, C) कर दिया जाए।
रोहित और विराट को क्यों लगेगा झटका?
वर्तमान नियमों के अनुसार, A+ कैटेगरी (7 करोड़ रुपये सालाना) केवल उन खिलाड़ियों को दी जाती है जो तीनों फॉर्मेट (Test, ODI, T20I) खेलते हैं।
- रिटायरमेंट का असर: रोहित शर्मा और विराट कोहली पहले ही T20I और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं (वर्तमान में वे केवल वनडे खेल रहे हैं)।
- B कैटेगरी में डिमोशन: अगर A+ कैटेगरी हटती है, तो नियमों के मुताबिक सिर्फ एक फॉर्मेट खेलने वाले खिलाड़ियों को Grade B (3 करोड़ रुपये सालाना) में रखा जा सकता है। इसका मतलब है कि रोहित-विराट को सीधे 4 करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान हो सकता है।
BCCI Central Contract 2026 Update: A+ कैटेगरी हटने से किसे होगा नुकसान?
सिर्फ रोहित और विराट ही नहीं, बल्कि जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा जैसे खिलाड़ी भी इस समय A+ ग्रेड का हिस्सा हैं। अगर यह कैटेगरी खत्म होती है, तो इन खिलाड़ियों का कद और कमाई दोनों प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, बीसीसीआई इस पर विचार कर रहा है कि क्या ग्रेड ए (Grade A) की राशि को बढ़ाया जाए ताकि संतुलित स्थिति बनी रहे।
| मौजूदा ग्रेड | सालाना सैलरी | संभावित स्थिति (2026) |
| Grade A+ | ₹7 करोड़ | खत्म हो सकती है |
| Grade A | ₹5 करोड़ | बरकरार रहेगी |
| Grade B | ₹3 करोड़ | बरकरार रहेगी |
| Grade C | ₹1 करोड़ | बरकरार रहेगी |
युवा खिलाड़ियों और डोमेस्टिक क्रिकेट पर फोकस
गौतम गंभीर और अगरकर की इस योजना का एक मुख्य हिस्सा घरेलू क्रिकेट को मजबूती देना है। बीसीसीआई चाहता है कि खिलाड़ी केवल बड़े टूर्नामेंट्स या आईपीएल के लिए अपनी फिटनेस न बचाएं, बल्कि देश के लिए हर संभव फॉर्मेट में उपलब्ध रहें। जो खिलाड़ी केवल सिलेक्टिव क्रिकेट खेलेंगे, उनके कॉन्ट्रैक्ट में कटौती कर बोर्ड यह स्पष्ट संदेश देना चाहता है कि “टीम पहले है, सुपरस्टार बाद में।”
बीसीसीआई की अगली एपेक्स काउंसिल मीटिंग में इस प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लग सकती है। यदि यह मॉडल लागू होता है, तो यह भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक कड़ा फैसला होगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या रोहित-विराट जैसे दिग्गज इस नए सिस्टम को अपनाते हैं या यह बोर्ड और सीनियर खिलाड़ियों के बीच किसी नए टकराव की शुरुआत होगी।
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