PM Kisan Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करते हुए देश के करोड़ों किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) योजना के बजट की घोषणा कर दी है। कयास लगाए जा रहे थे कि इस बार सालाना मिलने वाली ₹6,000 की राशि को बढ़ाया जा सकता है, लेकिन बजट दस्तावेजों ने तस्वीर साफ कर दी है। आइए जानते हैं इस बार किसानों के खाते में क्या खास आने वाला है।
PM Kisan Budget 2026: पीएम किसान के लिए ₹63,500 करोड़
सरकार ने इस वित्त वर्ष के लिए पीएम किसान योजना के लिए कुल ₹63,500 करोड़ का फंड आवंटित किया है।
- यथास्थिति (Status Quo): पिछले वर्ष के संशोधित अनुमानों की तुलना में इस राशि में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है।
- निरंतरता: सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश के लगभग 12 करोड़ लाभार्थी किसानों को समय पर किस्तों का भुगतान मिलता रहे।
क्या बढ़ी सालाना राशि? (साफ हुई तस्वीर)
बजट से पहले चर्चा थी कि सालाना ₹6,000 की राशि को बढ़ाकर ₹8,000 या ₹9,000 किया जा सकता है। हालांकि:
- कोई बदलाव नहीं: सरकार ने फिलहाल सालाना ₹6,000 की राशि में कोई बढ़ोतरी नहीं की है।
- किस्तें: किसानों को पहले की तरह ही ₹2,000 की तीन बराबर किस्तें (कुल ₹6,000 सालाना) उनके बैंक खातों में Direct Benefit Transfer (DBT) के जरिए मिलती रहेंगी।
कृषि क्षेत्र के लिए अन्य बड़े ऐलान
भले ही सम्मान निधि की राशि नहीं बढ़ी, लेकिन बजट 2026 में किसानों के लिए अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं:
- कृषि ऋण लक्ष्य: किसानों को आसानी से लोन उपलब्ध कराने के लिए कृषि ऋण (Agri Credit) के लक्ष्य को बढ़ाया गया है।
- डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर: 6 करोड़ किसानों को डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के दायरे में लाया जाएगा ताकि उन्हें खाद, बीज और मौसम की जानकारी मोबाइल पर मिल सके।
- प्राकृतिक खेती: अगले 2 साल में 1 करोड़ किसानों को नेचुरल फार्मिंग अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
कब आएगी 22वीं किस्त?
बजट में आवंटन के बाद अब किसानों की नजर अगली किस्त पर है। 21वीं किस्त नवंबर 2025 में जारी की गई थी, इसलिए 22वीं किस्त के फरवरी-मार्च 2026 के बीच आने की प्रबल संभावना है।
| क्या मिला? (Positive Highlights) | क्या नहीं मिला? (Expectations vs Reality) |
| ₹63,500 करोड़ का फंड: पीएम किसान योजना के लिए भारी भरकम बजट आवंटित। | सम्मान निधि में बढ़ोतरी नहीं: सालाना ₹6,000 की राशि को बढ़ाकर ₹9,000 नहीं किया गया। |
| डिजिटल खेती: 6 करोड़ किसानों को ‘डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर’ से जोड़ा जाएगा। | खाद सब्सिडी पर दबाव: बढ़ती अंतरराष्ट्रीय कीमतों के बीच फर्टिलाइजर सब्सिडी में कोई बड़ी राहत नहीं। |
| नेचुरल फार्मिंग: 1 करोड़ किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए विशेष सहायता और ट्रेनिंग। | MSP पर गारंटी कानून: बजट में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी पर कोई ठोस ऐलान नहीं। |
| एग्री क्रेडिट: किसानों को आसानी से कर्ज (Loan) उपलब्ध कराने के लिए लोन लक्ष्य में वृद्धि। | डीजल की कीमतें: खेती में इस्तेमाल होने वाले ईंधन (Diesel) की कीमतों में कटौती की घोषणा नहीं। |
PM Kisan Budget 2026 में सरकार ने वित्तीय अनुशासन और निरंतरता पर जोर दिया है। ₹63,500 करोड़ का भारी-भरकम आवंटन यह दर्शाता है कि सरकार इस योजना को किसानों की आर्थिक सुरक्षा के लिए सबसे मजबूत स्तंभ मानती है। हालांकि राशि नहीं बढ़ने से कुछ किसानों को निराशा हो सकती है, लेकिन कृषि क्षेत्र के लिए अन्य डिजिटल और बुनियादी ढांचागत सुधार लंबी अवधि में फायदेमंद साबित होंगे।
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