Bihar 1st Phase Voting Percentage: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण की मतदान प्रक्रिया में शाम 5 बजे तक मतदान प्रतिशत 2020 के पिछले विधानसभा चुनाव के रिकॉर्ड को पार कर गया है, जो बिहार की लोकतांत्रिक समझदारी और सशक्त मतदाता उत्साह को दर्शाता है। इस पहले चरण में कुल 121 विधानसभा सीटों पर वोटिंग हुई है, जिसमें 18 जिले शामिल हैं।
पहले चरण में मतदान का व्यापक उत्साह
पहले चरण में मतदान के दौरान बिहार के मतदाताओं ने जबरदस्त उत्साह दिखाया है। शाम 5 बजे तक लगभग 60 प्रतिशत से ज्यादा मतदान दर्ज किया गया है, जो पिछले विधानसभा चुनाव के इसी चरण के रिकॉर्ड से ज्यादा है।
महत्वपूर्ण जिलों में मतदान प्रतिशत
कुछ प्रमुख जिलों में शाम 5 बजे तक प्राप्त मतदान प्रतिशत निम्नलिखित हैं:
| जिला | मतदान प्रतिशत (शाम 5 बजे तक) |
|---|---|
| पटना | 58.6% |
| मधेपुरा | 62.3% |
| बेगूसराय | 65.1% |
| मुज़फ़्फ़रपुर | 61.7% |
| सीवान | 59.8% |
| दरभंगा | 57.4% |
इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि बिहार के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मतदान में संतुलित और बढ़िया भागीदारी देखी गई है।
मतदान में टूटा 2020 का रिकॉर्ड: क्या है इसका मतलब?
2020 के विधानसभा चुनाव में पहले चरण के मतदाता भागीदारी का रिकॉर्ड लगभग 58 प्रतिशत था। 2025 के पहले चरण चुनाव में शाम 5 बजे तक यह प्रतिशत 60 के पार पहुंच गया है, जो यह संकेत देता है कि जनता लोकतंत्र में अधिक सक्रिय हो रही है। यह रिकॉर्ड न केवल बिहार की लोकतांत्रिक परंपरा को मजबूत करता है बल्कि चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता को भी दर्शाता है।
Bihar 1st Phase Voting Percentage: मतदान बढ़ने के कारण
- चुनाव आयोग द्वारा किए गए सुरक्षा और सुविधाजनक व्यवस्थाएं
- ईवीएम और वीवीपैट की तकनीकी समस्याओं का त्वरित समाधान
- जागरूकता अभियानों का सकारात्मक असर
- प्रदेश के युवाओं एवं महिलाओं की अधिक सक्रिय भागीदारी
- कोरोना काल के बाद मतदान के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण
प्रमुख राजनीतिक दिग्गज और मतदान का प्रभाव
पहले चरण में कई बड़े उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनकी राजनीतिक दौड़ इस चुनाव को और भी महत्वपूर्ण बनाती है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राजद के तेजस्वी यादव सहित कई दिग्गज उम्मीदवारों के चुनावी भागीदारी ने वोटिंग में रौनक बढ़ाई है। इनके वोट डालने से मतदाताओं में मतदान को लेकर उत्साह बढ़ा है।
राजनीतिक समीकरण पर पड़ने वाला असर
पहले चरण के मतदान परिणाम से राज्य के राजनीतिक समीकरण पर काफी प्रभाव पड़ेगा। एनडीए और महागठबंधन के बीच कड़ी टक्कर के बीच यह मतदान प्रतिशत दोनों दलों के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। इस रिकॉर्ड मतदान से साफ है कि मतदाता सक्रिय रूप से अपने प्रतिनिधि चुनने के लिए उत्सुक हैं, जिससे भविष्य की सरकार को लेकर संभावनाएं साफ हो सकती हैं।
मतदान सुरक्षा और चुनाव आयोग की तैयारी
चुनाव आयोग ने मतदान के दौरान सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। हिंसा और मतदान बाधित करने वाली किसी भी घटना को रोकने के लिए प्रशासन संवेदनशील इलाकों में विशेष ईकाइयां तैनात कर रही है। इसके साथ ही, खराब हो रही ईवीएम मशीनों को तुरंत ठीक करने के लिए तकनीकी टीमें पूरी सतर्कता से काम कर रही हैं।
मतदान केंद्रों की सुविधा
- साफ-सुथरे और सुरक्षित बूथ
- मतदान की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी कैमरे
- बुजुर्गों और विकलांग मतदाताओं के लिए विशेष इंतजाम
- कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सामाजिक दूरी और सैनिटाइजर की व्यवस्था
वोटिंग के बाद की प्रक्रिया
मतदान के बाद चुनाव आयोग मतगणना की तैयारियों में लगा हुआ है। 14 नवंबर को पहले चरण की मतगणना की जाएगी, जिसमें परिणाम राज्य की राजनीतिक दिशा निर्धारित करेंगे। इस चरण के परिणाम अगले चरण के चुनावी रणनीतियों और गठबंधनों पर भी असर डालेंगे।
निष्कर्ष
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में मतदान के दौरान नया रिकॉर्ड बनना लोकतंत्र के प्रति जनता के उत्साह का प्रतीक है। इससे स्पष्ट होता है कि बिहार के मतदाता अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर सजग और जागरूक हैं। सुरक्षा, प्रशासनिक तत्परता, और तकनीकी मदद के बीच यह चुनाव पूरी तरह से सफल और शांतिपूर्ण साबित हो रहा है।
बिहार के इस सशक्त लोकतांत्रिक उत्सव में हर मतदाता की भूमिका मायने रखती है, और यह मतदान प्रक्रिया प्रदेश की राजनीति को नई दिशा देगी।
FOLLOW OUR SOCIAL MEDIA PAGES : –
FACEBOOK :- https://www.facebook.com/share/1Z3VZ8w8Dn/?mibextid=wwXIfr
YOUTUBE :- https://www.youtube.com/@Factaddadotcom/featured
WHATSAPP :- https://whatsapp.com/channel/0029VbAbzhp72WTnK71EiE3z
TELEGRAM :- https://t.me/+aMY2kgdmTZ83NWI1










