Voting Boycott News: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण की मतदान प्रक्रिया में विभिन्न गंभीर दिक्कतें सामने आईं, जिसने चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया। इस लेख में इन समस्याओं को विस्तार से 5 मुख्य बिंदुओं में बताया गया है।
1. तीन जिलों में मतदान का बहिष्कार
पटना, दरभंगा और मुजफ्फरपुर के कई इलाकों में मतदाताओं ने बहिष्कार का ऐलान किया। इन इलाकों में जनतागण मुख्य रूप से विकास कार्यों की कमी से नाखुश थे। खासकर सड़क, बिजली, पानी, और अन्य बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी के चलते उन्होंने मतदान केंद्रों पर जाकर पैमर्श दिया कि अगर प्रशासन अपनी जिम्मेदारियां पूरी नहीं करता, तो वे वोट नहीं देंगे। लोगों ने “रोड नहीं तो वोट नहीं”, “सुनो हमारी आवाज़” जैसे नारे लगाकर अपनी नाराजगी जताई। इस बहिष्कार ने कई बूथों पर कम मतदान का असर डाला।
2. 10 जिलों में EVM मशीन खराब
मतदान के दौरान बिहार के दानापुर, मधेपुरा, राघोपुर, बख्तियारपुर, सहरसा, जमुई, भोजपुर समेत 10 जिलों में ईवीएम मशीनों की खराबी की शिकायतें मिलीं। कई स्थानों पर मशीनें चालू नहीं हो रहीं थीं या बार-बार फ्रीज हो रही थीं। इसके कारण कई मतदान केंद्रों पर मतदान देर से शुरू हुआ या रुक-रुककर चला। कुछ बूथों पर मशीन बदलनी पड़ी जिससे मतदाताओं को लंबा इंतजार करना पड़ा। मतदान कर्मचारियों की भी परेशानी बढ़ी और कुछ मतदानकर्मी इस दबाव से बेहोश हो गए।
3. Voting Boycott News: दिव्यांग मतदाताओं को वोटिंग में समस्याएं
चुनाव आयोग की ओर से हर मतदान केंद्र पर दिव्यांग मतदाताओं के लिए रैंप, व्हीलचेयर, ब्रेल इंडिकेटर जैसी सुविधाएं प्रदान करने का निर्देश था। लेकिन कई मतदान केंद्रों पर यह सुनिश्चित नहीं हो पाया। दिव्यांग मतदाता वोट डालने में बाधित हुए, जिन्हें बूथ तक पहुंचने में, मशीन का इस्तेमाल करने में और मतदान करने में दिक्कत आई। कुछ मतदाताओं ने अधिकारियों से शिकायत की कि उनकी मदद नहीं की गई, जिससे उनकी मतदान प्रक्रिया प्रभावित हुई। यह चुनाव आयोग के निर्देशों के उल्लंघन का मामला है जिसे गंभीरता से लिया जाना आवश्यक है।
4. बहिष्कार के प्रमुख कारण
मतदाताओं ने मतदान बहिष्कार के पीछे मुख्य कारण के रूप में किसानों और ग्रामीण इलाकों में होने वाले विकास कार्यों का अभाव बताया। सड़कों की खराब हालत, पुलों की कमी, बिजली कटौती और पानी की समस्या ने लोगों को नाराज किया। मतदाताओं का मानना था कि प्रशासन ने चुनाव पूर्व और चुनाव के दौरान इन मूलभूत जरूरतों को नजरअंदाज किया है इसलिए वे अपने गुस्से का इजहार मतदान से बहिष्कार कर रहे हैं। यह राजनीति का एक अहम मुद्दा बन गया है।
5. प्रशासन और चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया
मशीन खराबी और मतदाता सुविधाओं में आई खामियों की जानकारी मिलने पर चुनाव आयोग ने तुरंत संज्ञान लिया। स्थानीय प्रशासन को आदेश दिए गए हैं कि जहां भी EVM खराब हो, उसे तुरंत बदला जाए और मतदाता सुविधाओं को सुनिश्चित किया जाए। दिव्यांग मतदाताओं को विशेष सहायता प्रदान करने के लिए अतिरिक्त कर्मियों की नियुक्ति की गई है। साथ ही मतदान बहिष्कार वाले इलाकों में जन अधिकारों और विकास कार्यों को लेकर अधिकारियों ने संवाद शुरू किया है उम्मीद है कि आगामी चरणों में इससे सुधार होगा।
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